Sher aur chuha-kahani in hindi full hindi story

Sher aur chuha-kahani in hindi

yeh kahani hai sher aur chuha ki, jisme sher,’chuha ko bina mare chodh deta hai’ iske badle meh chuha…..dosto puri kahani padhe Site pe. 

Sher aur Chuha

       घने जंगल में ऊंचे ऊंचे पहाड़ों के बीच में एक गुफा थी.उस गुफा में जंगल का राजा याने की sher रहता था.एक दिन sher शिकार करके बहुत थक चुका था.इस कारण वह अपने गुफा में सो रहा था.sher सोते हुए बेहद जोरदार खर्राटे ले रहा था.

      तभी sher के गुफा के पास मौजूद एक बिल में से chuha बाहर आया.Chuha बड़ा शरारती था. उसने sher के साथ मस्ती करने का सोचा.वह कभी sher को फूंक मारता, तो कभी उसकी पूछ को छूता.chuha के यह सब करने पर भी sher पर कोई असर नहीं पड़ा, वह अपनी नींद में सोता रहा.

     यह सब करने के बाद भी chuha रुका नहीं. chuha sher के शरीर पर दौड़ने लगा. chuha को डर भी लग रहा था, इस कारण वह sher से कूद पड़ा.अभी भी sher पर कोई असर नहीं पड़ा.Chuha को लगा,यह तो बड़ा आलसी sher लगता है.

     Chuha वही सब दोहराने लगा. वह फिर से sher के शरीर पर दौड़ने लगा. इस बार दौड़ते हुए उसका नौक sher को चुभ गया. अचानक से sher को दर्द महसूस होने पर उसकी नींद टूट गई. नींद पूरी ना होने से sher को गुस्सा आ गया. उसने तुरंत chuha को पकड़ लिया और अपने पंजे पर बंदी बना लिया

     Chuha डर से कांपने लगा.चूहे ने फिर थोड़ी सी हिम्मत जुटा ते हुए Sher के सामने हाथ जोड़े और कहा,“दया करें महाराज, मेरी गलती के लिए मुझे क्षमा करें.”यह सुनकर sher शांत नहीं हुआ, उसका गुस्सा चरम पर था. Sher बोला,“ तुमने जंगल के राजा का अपमान किया है. Chuha बेहद डर गया और रोने लगा.Chuha को रोता देख sher शांत हो जाता है. वह chuha से बोलता है कि,“दोबारा ऐसी गलती नहीं करना और उसे जाने देता है.”

    Chuha sher की इस दरियादिली पर बोल पड़ता है, कि जब मौका आएगा तो मैं भी आपके काम आऊगा.यह सुनकर sher को हंसी आ जाती है.वह chuha से कहता है,“तुम इतने छोटे तुम मेरी क्या मदद करोगे?”

    इस पर chuha बोलता है,“ राजा जी मैं छोटा जरूर हूं,पर मैं आपको यह वादा करता हूं कि जरूरत पड़ने पर मैं आपकी मदद जरूर करूंगा.”इसके बाद सब कुछ कुशल मंगल चलने लगा.

    एक दिन एक शिकारी sher को ढूंढते हुए उसके गुफा के पास आया.उसने sher के गुफा के आसपास जाल बिछाया. जाल बिछाने के बाद वह शिकारी झाड़ियों के पीछे जाकर चुप गया. Sher जैसे ही गुफा से बाहर निकलने की कोशिश करने लगा,वह जाल में जाकर फस गया.

    Sher जाल से छूटने की बहुत कोशिश करने लगा.परंतु वह जितना छूटने की कोशिश करने लगा उतना ही जाल में अधिक फसने लगा.सिंह इस पर गुस्सा हो गया और जोर-जोर से दहाड़ ने लगा.वह जोर-जोर से दहाड़ दहाड़ कर चिल्ला रहा था,“बचाओ बचाओ!”

   Sher की आवाज जंगल में गूंजने लगी.उसकी आवाज सुनकर जंगल में अफरा-तफरी मच गई.सभी गुफा की ओर भागने लगे. सब Sher को वैसा देखकर दिलासा देने लगे. पर कोई उसे जाल से छुड़ा नहीं पाया. Sher अपने आप को फंसता देख और जोर-जोर से दहाड़ ने लगा.

    तभी Sher की आवाज Chuha के कान में पड़ी.चूहा भागा भागा Sher के पास आया.उसने कहा,“आप चिंता ना करें महाराज, मैं आपकी मदद करता हूं.”
Sher बोला “इतने बड़े प्राणी मुझे नहीं बचा सके,तुम पिद्दी से मुझे क्या बचाओगे .”

इस पर chuha ने Sher को कोई जवाब नहीं दिया और जाल को कुतरता गया.वह अपने तेज दांतो से जाल को काटने लगा और एक-एक करके उसने सभी रशियों को काट दिया. थोड़ी देर में Sher जाल से छूट गया. फिर Sher ने बड़े प्यार से chuha को आदर सम्मान से अपना दोस्त स्वीकार किया.

   Kahani Moral:- इस कहानी का यह उद्देश्य था,कि हम आपको अवगत कराएं कि “इस दुनिया में कोई छोटा,कोई बड़ा नहीं होता.”
जरूरत पड़ने पर सब अपना काम बराबर ढंग से कर सकते हैं. फर्क सिर्फ हमारे कार्य में होता है.किसी की विशाल शक्ति होने से यह साबित नहीं होता कि वह सबसे ज्यादा ताकतवर है.

इसीलिए कभी किसी को छोटा ना समझे और कभी किसी का अपमान ना करें.
इसी तरह आज हम अपने कहानी से आपको यह सीख देते हैं और आगे इसी तरह की कहानियां पढ़ने के लिए हमारे साइट को जरुर विजिट करें.

Full list of hindi story.

1. Sacha dost ki hindi story

2. Gadhe ki kahani

3. Sher aur Chuha ki kahani

Leave a Comment