Explain Ring Algorithm in hindi

 रिंग एल्गोरिदम(Ring Algorithm)

इस पोस्ट का उद्देश्य है की आपको विस्तार से Ring algorithm के बारे में जानकारी प्रदान की जाए हिंदी भाषा में। Adhik jankari ke liye visit kare website.

यदि हम रिंग एल्गोरिदम apply करते हैं किसी भी सिस्टम में तो वह ऐसे organized होना चाहिए या ऐसी उसकी बनावट होनी चाहिए कि वह रिंग जैसा दिखाई पडे यदि हम उस Ring को हम लॉजिकली देखें या फिजिकली देखें।

इस algorithm में हम यह assume करते हैं कि प्रोसेसेस के बीच में जो लिंक है वह unidirectional है तथा सभी प्रोसेस मैसेज कर सकते हैं processes को जो उनके right side में मौजूद है।जो डाटा स्ट्रक्चर इस एल्गोरिदम द्वारा यूज किया जाता है उसका नाम है एक्टिव लिस्ट, यह list में प्रायरिटी नंबर दिया जाता है सभी एक्टिव प्रोसेसेस को जो सिस्टम के भीतर।

एल्गोरिदम (Ring Algorithm)

1.यदि प्रोसेस P1 detect करता है कोई भी co-ordinator फेलियर,तो वह create करता एक नई एक्टिव लिस्ट जोकि initially empty होती है।
इसके बाद ही वह एक इलेक्शन मैसेज भेजता है उसके neighbour को जो कि उसके right साइड में होता है और Add करता हैं नंबर 1 उसके एक्टिव लिस्ट में।

2.यदि प्रोसेस P2 रिसीव करता है मैसेज उसके left साइड से तो यह 3 तारीख से respond करता है।
Note:P1 यह पहली प्रोसेस है इसीलिए यह left साइड में है process P2 के।

 

  • यदि जो भी मैसेज रिसीव हुआ है उसमें एक्टिव लिस्ट में 1 ना हो तो P1 add करता है 2 उसके एक्टिव लिस्ट में तथा मैसेज को फॉरवर्ड कर देता है।
  • यदि यह first इलेक्शन मैसेज है तो उसने रिसीव लिया सेंड किया होगा मैसेज, P1 create करता है new एक्टिव लिस्ट 1 तथा 2 नंबर्स से।इसके बाद वह send करता है इलेक्शन मैसेज 1 जो फॉलो किया जाता है 2 के द्वारा।
  • यदि प्रोसेस 1 रिसीव करता है उसका खुद का इलेक्शन मैसेज 1 तो एक्टिव लिस्ट P1 के लिए सिस्टम में जो एक्टिव प्रोसेस है उनको रखता है। अब प्रोसेस p1 डिटेक्ट करता है हाईएस्ट प्रायरिटी नंबर लिस्ट में तथा इलेक्ट करता है न्यू co-ordinator को।

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