Naitik kahaniya-अपमान का बदला||Hindi inspirational story

Naitik kahaniya-अपमान का बदला||Hindi inspirational story

Janiye Naitik kahaniya kaisa 13 saal ke chatrasal ne liya apman ka badla…..srif Hindiforu mei

अपमान का बदला

       बात उन दिनों की है जब दिल्ली की गद्दी पर मुगलों का राज था. पन्ना राज्य में विद्या वासिनी देवी के मंदिर में मेला लगा था.महाराज चंपत राव भी पूजा के लिए आए थे, उनके साथ 13 वर्षीय पुत्र छत्रसाल भी था. उसने जब देखा कि महाराज बातचीत मैं है, तो उसने सोचा क्यों ना मैं ही मां भगवती की पूजा कर आऊं?बस उसने हाथ पैर धोए और पूजा के लिए फूल तोड़ने बगीचे में जा पहुंचा.

इतने में दिल्ली दरबार के कुछ सैनिक वहां आ गए. छत्रसाल ने पूछा क्या पूजा के लिए आए हैं? हम और पूजा?
हम तो मंदिर की मूर्ति तोड़ने आए हैं. सरदार ने कहा. यह सुनते ही नन्हा छत्रसाल गरज उठा, मुंह संभाल कर बात करो. नहीं तो जीभ खींच लूंगा. सरदार हंसा तेरी बिसात ही क्या है,मेरी जीत तो तेरी देवी भी…….. सरदार की बात पूरी नहीं हुई थी कि नन्हे छत्रसाल ने अपनी तलवार तेजी से सरदार की छाती में घुसेड दी थी.

पुष्प वाटिका में घमासान युद्ध छिड़ गया. छत्रपाल ने सभी सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया. उसे खुशी थी कि उसने मां भगवती के अपमान का बदला उन दुष्ट सैनिकों से ले लिया था.

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