Hindi motivational kahani-संपूर्ण हिंदी मोटिवेशनल कहानी

Hindi motivational kahani-हिंदी मोटिवेशनल कहानी

Yadi aap dhund rahe hai hindi motivational kahani jo apko motivation de, Aapko kuch lessons aur morals de.Toh apne bilkul sahi website ko visit kiya hai. Chaliye apko ek chota sa introduction de de ki aaj hum apke liye iss post mei kya laye hai.

Introduction-Motivational hindi kahani

नमस्कार

Hindiforu  में स्वागत है, जैसे कि हम कोई ना कोई कहानी आपके लिए जरूर लाते हैं. वैसे ही आज हम हिंदी मोटिवेशनल कहानी आपके लिए लाए हैं.

इस Hindi motivational kahani आर्टिकल में आपको ढेरों कहानी मिल जाएगी जो रोचक होगी साथी ही आपको मोटिवेशन भी देगी.

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1.motivational kahani-कीमती पत्थर

कीमती पत्थर

बहुत पुरानी बात है,एक युवक शायरी लिखता था। परंतु उसकी इस काबिलियत का कोई मूल्य नहीं देता था।

घर वाले भी उसे ताना मारते थे। तू कोई काम का नहीं सिर्फ कागज और कलम लेकर बैठ जाता है। उस युवक के अंदर हीन भावना आ गई थी। युवक ने अपनी सारी व्यथा आपने जौहरी मित्रों को बताई। जौहरी ने युवक को एक पत्थर देते हुए कहा मित्र मेरा एक काम कर दो, यह एक कीमती पत्थर है कई तरह के लोगों से तुम इसकी कीमत का पता लगाओ।

परंतु गलती से भी तुम इसे बेचना मत। युवक पत्थर लेकर निकल गया।

पहले वह कबाड़ी वाले के पास गया कबाड़ी वाला बोला ₹5 में मुझे यह पत्थर दे दो।

फिर वह एक सब्जी वाले के पास गया। सब्जी वाले ने 1 किलो टमाटर के बदले वह पत्थर मांग लिया।

इसके बाद वह युवक एक मूर्तिकार के पास गया।मूर्तिकार ने बोला कि यह पत्थर में मूर्ति पर लगा सकता हूं। तुम मुझे एक हजार की कीमत पर यह पत्थर दे दो।

आखिर में युवक एक एक रत्नों के विशेषज्ञ के पास जा पहुंचा। पत्थर देखकर विशेषज्ञ ने बोला यह पत्थर तो बेशकीमती है इसका मूल्य करोड़ों से भी ऊपर है। इसकी धारी को तराशा नहीं गया है। यह सुनते ही युवक के मन से हीन भावना गायब हो गई। उसे एक संदेश मिल चुका था।अब वह जिंदगी में कुछ करने की चाह रखने लगा।

Moral

हमारा जीवन बेशकीमती है, हमें हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि हमें परख कौन रहा है। उचित समय पर उचित विशेषज्ञ हमें परख कर हमारा उपयोग जरूर समझेगा

2.Motivational kahani-विजेता मेंढक

विजेता मेंढक

बहुत समय पहले की बात है। एक नदी के किनारे बहुत सारे मेंढक रहते थे। नदी के बीचो-बीच राजा द्वारा लगाया हुआ एक पुराना धातु का खंबा था। वह खंबा काफी ऊंचा था और उसकी सताह भी चिकनाहट वाली थी।

एक दिन मेंढको के दिमाग में विचार आया क्यों ना उस खंभे पर चढ़ने की प्रतियोगिता कराई जाए। जो उस खंभे पर सबसे पहले चढ पाएगा वह विजेता कहलाएगा।देखते देखते प्रतियोगिता का दिन आ गया। इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए आस-पड़ोस के इलाके से भी कई मेंढक आए।हर तरफ शोर ही शोर हो रहा था।

प्रतियोगिता शुरू हुई परंतु इतने मंढको मैं किसी को भी यह यकीन नहीं हुआ कि कोई मेंढक इस खंबे पर चढ़ सकता है।

हर तरफ यही शोर गूंजने लगा

अरे यह खंबे पर चढ़ना बहुत कठिन है।

कोई यह प्रतियोगिता कभी जीत ही नहीं सकता।

किसी को भी सफलता हाथ नहीं लगेगी,इतने चिकने खंभे पर कोई नहीं चढ़ सकता।

और प्रतियोगिता में भी यही सब देखने को भी मिल रहा था। जो भी मेंढक थोड़ी ऊपर जाता फिर से वह वापस नीचे आ जाता। कई मेंढक गिरने के बाद भी प्रयास करने लगे।

पर भीड़ तो अभी भी चलाए जा रही थी कि यह नामुमकिन है कोई इस खंबे पर नहीं चढ़ सकता। यह सुन सुनकर प्रयत्न करने वाले मेंढक भी हताश हो गए और उन्होंने हार मान ली।

लेकिन उनसे थोड़ा अलग एक छोटा सा मेंढक भी वहां परयतन कर रहा था। वह मेंढक बार-बार गिरने पर भी उसी जोश से ऊपर चढ़ रहा था।

वह मेंढक लगातार ऊपर की ओर बढ़ता रहा और अतः वह खंबे पर चढ़ गया।उसे उस प्रतियोगिता का विजेता घोषित कर दिया गया।

Moral

हमें भी मेंढक की तरह बहरे हो जाना पड़ेगा ताकि हम किसी की नकारात्मक बातें ना सुन पाए। उनकी नकारात्मक बातें भी हमें सकारात्मक लगेगी।

3.Motivational kahani-चालाक गधा

चालाक गधा

एक दिन एक किसान का गधा कुएं में गिर गया। कुएं में गिरने से गधा जोर जोर से रोने लगा।उसकी आवाज किसान के कानों में पड़ी तो किसान विचार करने लगा।अब उसे क्या करना चाहिए गधे को बचाना चाहिए या वैसे ही छोड़ देना चाहिए।

अंत में किसान ने निर्माण किया जबकि गधा बहुत ही बुढा हो चुका है।उसे बचाने से कोई लाभ नहीं उसे कुएं में ही दफना देना चाहिए। किसान ने अपने सभी दोस्तों को बुलाया। सभी ने एक-एक पावड़ा पकड़ा और कुएं में मिट्टी डालना शुरू कर दिया। जैसे ही गधे को समझ में आया कि यह सब क्या हो रहा है। गधा और जोर जोर से रोने लगा।

थोड़ी देर बाद गधा अचानक से चुप हो गया। सब लोग उसके ऊपर मिट्टी डालते रहे। तभी किसान ने कुएं में झांका तो वह आश्चर्य से सन्न रह गया।अपने पिट पर पड़ने वाली हर मिट्टी के साथ वह गधा एक आश्चर्यजनक चीज कर रहा था।

वह हिल हिल कर सारी मिट्टी को नीचे गिरा देता और उस पर चढ़ जाता। जैसे-जैसे किसान और उसके दोस्त कुएं में मिट्टी डालते, गधा हिल हिल कर उस मिट्टी को नीचे गिरा देता और उसके ऊपर चढ़ जाता। जल्दी ही सबको आश्चर्यचकित कर वह गधा कुए के किनारे आ गया और फिर कूद कर भाग गया।

Moral

ध्यान रखे आपके जीवन में भी बहुत से लोग मिट्टी डालने वाले आएगा। बहुत तरह की गंदगी आप पर उड़ाएंगे।जैसे कि कोई आपको नीचे गिराने के लिए बेकार की आलोचना करेगा।कोई आपकी सफलता से ईर्ष्या कर बेकार में ही आपके ऊपर से भला बुरा बोलेगा।इसके साथ ही कोई आपसे आगे बढ़ने के लिए आपको अपमानित करेगा।आपको इस गधे की भांति उससे सीखना है कि कभी निराश नहीं होना चाहिए और जितनी गंदागी लोग हम पर उड़ाए उसे सीडी बनाकर ऊपर चले आना चाहिए।

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