Hathi wali kahani-सबक||hathi ki kahani

Hathi wali kahani-सबक||hathi ki kahani

Aap jarur chahte hai ki apko hathi se judi hui kahaniya mila toh aaj hum apke liye laye hai hathi wali kahani jarur padhe and support Hindiforu

सबक

एक थी हथनी शर्मिला.उसका बेटा रामू भोला. एक दिन शर्मिला बोली बेटा नाले में ना जाना, शेर की गुफा के पास ना भटकना, आगे पीछे देखे बिना ना चलना और मुझसे दूर ना जाना.पर रामू ने ना माना. उसने सोचा क्या सचमुच नाला है मेला? क्या जंगल सचमुच दूर फैला?शेर की गुफा के पास था गन्ने का खेत बड़ा. रामू को गन्ना खाने का शौक चढ़ा और उसका पाव बढ़ा.

तभी दांत दिखा कर शेर जो दहाड़ा तो रामू गन्ना छोड़ मां के पास दौड़ा. उसने आगे देखा ना पीछे, ऊपर देखा और ना नीचे. रास्ते में था गड्ढा. वह उस में जा गिरा उसकी चिल्लाहट सुनकर शिकारी आया. अब तो रामू और जोर से चिल्लाया. मां शर्मिला ने सुन ली रामू की पुकार. दौड़ कराई गड्ढे के पास, रामू को गड्ढे में देख हुई उदास. उसने एक पेड़ गड्ढे में गिराया. रामू चढ़कर बहार आया. मां ने उसे गले लगाया.घातक शिकारी रस्सी ले आया. पर रामू को मां के साथ गड्ढे से बाहर देख घबराया. उसकी शक्ल पड़ गई थी पीली और धोती हो गई ढीली. रामू को भी सबक मिला फिर ना होगी ऐसी भूल.

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